ये पब्लिक है सब जानती है।

Nanhe Sipahi User | Jun 14, 2017 12:06 AM


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70 के दशक की बात है । तब जब कि देश में संजय गांधी की तूती बोलती थी । Youth Congress का एक अधिवेशन हुआ , शायद नागपुर में । आयोजक थे संजय गांधी । ये वो दिन थे जब इंदिरा गांधी सत्ता में थी पर सिक्का संजय गांधी का चलता था । देश में समानांतर सत्ता चलती थी संजय गांधी की । ये वही दिन थे जब कहा जाता है कि एक पार्टी में संजय गांधी ने अपनी माँ प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को शराब पी के सरेआम झापड़ मारे थे ।



उस अधिवेशन में भाग लेने के लिए देश भर के Youth Cong के delegates आये थे । रेलवे ने इनके लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाई थीं ।
ये रेलगाड़ी जब अधिवेशन के बाद दिल्ली की तरफ वापस आ रही थी तो किसी एक स्टेशन पे Youth Congress के कार्यकर्ता स्टेशन के vendors से पूड़ी सब्जी खा के बिना पैसा दिए रेल में चढ़ गए और रेल चल पड़ी । कांग्रेसी के मुह मुफ्त का खून लग जाये तो वो आदमचोर हो जाता है । अगले स्टेशन पे जब गाड़ी रुकी तो कांग्रेसी रेलवे vendors पे टूट पड़े । और उन्होंने देखते देखते पूरा स्टेशन लूट लिया । गाड़ी फिर चल पड़ी । अगले स्टेशन पे भी यही कहानी दोहराई गयी ।

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रेलवे vendors और कुलियों का भी अपना एक तंत्र होता है । अबकी गाड़ी चली तो अगले स्टेशन पे सूचना पहले ही पहुंच गई थी और वहां के तमाम रेलवे वेंडर और कुली लाठी डंडे ले के तैयार थे । जैसे ही रेल रुकी , कांग्रेसी भूखे भेड़िए की तरह stalls पे टूट पड़े । इधर vendor भी तैयार थे । उन्होंने कांग्रेसियों को पकड़ के गधे की तरह धोना शुरू किया । पूरी रेल में से इन्हें उतार उतार के , platform पे घसीट घसीट के मारा गया । स्थिति बिगड़ती देख स्टेशन मास्टर ने रेल चला दी । vendors ने गाड़ी का vacuum खोल के रेल फिर रोक ली | vendors और कुलियों ने मार मार के कांग्रेसियों का भूत बना दिया ।




उन दिनों धर्मयुग नामक एक बेहद लोकप्रिय पत्रिका में ये किस्सा छपा जिसे मेरे पिता जी ने हमको चटखारे ले ले के सुनाया था ।

कांग्रेसियों की चिन्दी चोरी और सार्वजनिक लूट पाट की ये पहली घटना थी ।इस घटना की देश भर में खूब चर्चा हुई और लानत मलामत भी हुई | इस घटना के बाद कांग्रेस पे चिन्दी चोर , गिरहकट , लुटेरे , पिंडारी होने का ठप्पा लग गया जो आज तक बरकरार है । जहाँ 4 कांग्रेसी इकट्ठे होंगे वहां लूटपाट से बाज नही आएंगे ।

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MP में देख लीजिए , यही हो रहा है । किसान का भेस धर के कांग्रेसी सड़क पे लूटपाट कर रहे हैं । ठेले वालों का माल लूटा जा रहा है । फल सब्जी और दूध के टैंकर पे कब्जा करके इन्हें तहस नहस किया जा रहा है । JCB लगा के पटरियां उखाड़ी जा रही हैं ।कांग्रेस के बड़े बड़े नेता इस लूट का नेतृत्व कर रहे हैं ।


उधर राहुल बाबा ऐसे स्तिथि को भांपते हुए देश देश छोड़ नानी के पास इटली निकल पड़े हैं | अजीब है | कुछ लोगो को परिवर्तन नहीं चाहिए | हाँ देश पर नियंत्रण मिल जाये वो ठीक है | 





पर एक बात याद रपर शायद ये ७० का दशक नही है | यहाँ लोकसभा की करवाई देश लाइव देखता है | देश समझता है कि चल क्या रहा है |  आज हर आदमी के हाथ मे कैमरा है , फोन है , आज हर व्यक्ति अपने आप मे एक पत्रकार है , अखबार है , channel है | कौन देश के लिए काम कर रहा , कौन सृजन - निर्माण में लगा है और कौन उजाड़ रहा है , लूट रहा है , फूंक रहा है ........ देश देख रहा है |

पक्ष विपक्ष , आपकी सबसे बड़ी समस्या यही है कि आप देश को और जनता जनार्दन को , भोटर को बेवकूफ समझते हैं । ये public है , ये सब जानती है ।



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