सिगरेट बेचने वाला एक बच्चा जब बना रफ्तार का जादूगर

Nanhe Sipahi | Sep 03, 2017 08:09 PM


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उसके पंख नहीं है पर वो उड़ता है हवा से बातें करता है, उसकी रफ़्तार का कोई सानी नहीं. जब वो दौड़ता है तो उसके आगे पीछे कोई नहीं होता, होता है तो वो सिर्फ अकेला उसैन बोल्ट. लगातार 3 ओलपिंक में 100 और 200 मीटर की रेस में गोल्ड जीतने का कारनाम करने वाले उसेन बोल्ट का जन्म 21 अगस्त 1986 में हुआ था. जानें ऐसे धावक के बारे में जो हवा को चीर कर भागता है.

उसैन बोल्ट ने ऐसे कई पैमाने स्थापित किये है जिस तक पहुंच पाना आने वाले एथलीट के लिए मुकाम ही होगा. वो इकलौता खिलाडी है जिसके पास १०० मीटर और २०० मीटर का वर्ल्ड रिकॉर्ड है.



स्प्रिंग में ८ ओलिंपिक पदक पाने वाला वो एक मात्रा खिलाडी है.

साल २००८ के बेजिंग ओलिंपिक के १०० मीटर की दौड़ से पहले उसने सिर्फ चिकन नागेच ही खाया था.

उसैन बोल्ट के हुसैन बोल्ट बनाने की कहानी भी बहुत अद्भुत है. बचपन में वो सिर्फ क्रिकेट खेलता था, जमैका वैसे भी वेस्टइंडीज क्रिकेट का गढ़ है. हुसैन को भी क्रिकेटर ही बनना था. अपने भाई के साथ हुसैन क्रिकेट की दौड़ लगता था.

उसैन बोल्ट ने अपनी एक मोबाइल ऐप्प भी रिलीज़ की है जिसका नाम बोल्ट है.

बोल्ट जैमेका के शेरवुड कंटेंट से ताल्लुक रखते हैं. वहां पानी की बेहद समस्या है, जिसका सामना बोल्ट और उनके परिवार ने भी किया. तमाम समस्यों का सामना करने वाले बोल्ट आगे बढ़े और नाम रोशन किया. आज वो अपने इलाके के हीरो हैं और वहां के बच्चे उनके जैसा बनने का सपना देखते हैं.




स्कूल में भी सबसे तेज धावक थे बोल्ट

बोल्ट ने सबसे पहली बार अपनी तेज दौड़ने की क्षमता स्कूल में ही दिखाई थी. वेल्डनसिया प्राइमरी स्कूल के छात्र रहे बोल्ट बारह साल की उम्र में पूरे स्कूल में 100 मीटर रेस के सबसे तेज धावक थे. बोल्ट जब छोटे थे, तब अपना काफी समय भाई के साथ गली में क्रिकेट और फुटबाल खेलने में बिताते थे.

पिता की है किराने की दुकान

उसेन बोल्ट एक बेहद साधारण परिवार से हैं. उनके पिता वेलेस्ले बोल्ट की अपने इलाके में छोटी सी किराने की दुकान है. बोल्ट का जन्म जमैका के एक छोटे से कस्बे शेरवुड कंटेंट में हुआ था. बोल्ट को अपने शुरुआती जीवन में काफी समस्याओं से जूझना पड़ा था लेकिन आज दुनिया में कितने ही लोग उनकी तरह नाम कमाना चाहते हैं. बोल्ट के एक भाई सादिकी और बहन शेरिन हैं.

सिगरेट बेचने का किया काम

बोल्ट एक साधारण परिवार से आते हैं. अपनी बहन, भाई और परिवार की मदद के लिए उन्होंने किराना दुकान पर रम और सिगरेट बेचने का काम किया था.
बोल्ट ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखें लेकिन उनकी कही हुई एक बात लाखों लोगों को प्रेरित कर देती हैं. उन्होंने कहा था 'जरूरी नहीं है कि आप शुरू कहां से करते हैं, ज़रूरी ये है कि आप खत्म कैसे करते हैं'.




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