हनुमान चालीसा में चालीस दोहे ही क्यों हैं?

Nanhe Sipahi | May 20, 2017 01:05 PM


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मर्यादापुरुषोत्तम राम के परम भक्त हनुमान सदा से ही जल्दी प्रसन्न होने वाले देवताओ में माने गए है . शास्त्रों में कहा गया है कि माता सीता के आशीर्वाद और वरदान से उन्हें अमरत्व की प्राप्ति हुई, ऐसी भी मान्यता है की जहां रामायण का पाठ पूरी श्रध्दा से हो रहा हो वहां पवनपुत्र हनुमान स्वयं ही प्रकट हो जाते हैं, और श्रद्धालुओ के साथ बैठ कर पाठ भी करते हैं, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जाता है,
पर क्या कभी आपने सोचा है की हनुमान चालीसा में ४० दोहे ही क्यों होते हैं? आइये हम जानते हैं की ऐसा क्यों हैं

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आपको बता दें की केवल हनुमान चालीसा ही नही सभी देवी देवताओ की आराधना की लिए चालीसा उपलब्ध है , विद्वानों का कहना है की चालीसा का अर्थ होता है चालीस याने की संख्या ४० . हिन्दू देवी देवताओ की स्तुति में चालीस स्तुतिया सम्मिलित की जाती है | जैसे श्री हनुमान चालीसा , शिव चालीसा , दुर्गा चालीसा इत्यादि चालीसा के अच्छे उदाहरण हैं, पर चालीसा में 40 दोहे ही क्यों होते हैं इसको लेकर एक धार्मिक दृष्टिकोण भी है|

इन चालीस स्तुतियों में देवी -देवताओं की चरित्र , कार्य , शक्ति एवं महिमा का वर्णन होता है | ये चालीस दोहे हमारे जीवन के सम्पूर्णता और सम्पन्नता का परिचायक हैं. इसकी संख्या ४० इस लिए निर्धारित की गयी हैं क्यों कि मानव जीवन २४ तत्वों से निर्मित है और सम्पूर्ण जीवनकाल में मानव जाती के लिए कुल १६ संस्कार भी निर्धारित हैं , तत्वों और संस्कारो का अटूट संधि है चालीसा | चालीसा २४ तत्वा ५ ज्ञानेन्द्रियो , ५ मरमिन्द्रियों , 5 महाभूत , 5 तनमन्त्र , 4 अंतःकरण का मिश्रण है |

सोलह संस्कार इस प्रकार वर्णित है -
1. गर्भाधान संस्कार
2. पुंसवन संस्कार (Sankar)
3. सीमन्तोन्नयन संस्कार
4. जातकर्म संस्कार
5. नामकरण संस्कार
6. निष्क्रमण संस्कार
7. अन्नप्राशन संस्कार
8. चूड़ाकर्म संस्कार
9. विद्यारम्भ संस्कार
10. कर्णवेध संस्कार
11. यज्ञोपवीत संस्कार
12. वेदारम्भ संस्कार
13. केशान्त संस्कार
14. समावर्तन संस्कार
15. पाणिग्रहण संस्कार
16. अन्त्येष्टि संस्कार

चालीसा पढ़ते समय अपनी स्तुति में हम इन तत्वों और संस्कारो का वर्णन करते हैं , साथ ही साथ भगवन को स्मृति में रख कर अपने जीवन काल में हुए दोषो की लिए क्षमा याचना भी करते हैं . सच कहे तो चालीसा याने 24 तत्त्व और 16 संस्कारो से ही जीवन की उत्तपत्ति होती है |

हनुमान चालीसा के ऐसे ही ज्ञान से जुड़े रहने की लिए Android उपभोगता हनुमान चालीसा यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं


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