चीन में शादी के लिए दूसरे एशियाई देशों से अपहरण कर लाई जा रही हैं लड़कियां

Nanhe Sipahi | Feb 27, 2018 02:02 PM


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नई दिल्ली | आए दिन भारत के पूर्वी राज्यों खासकर बिहार से ऐसी खबरें आती हैं कि किसी शादी-विवाह में बाराती के रूप में गए किसी लड़के का अपहरण हो गया और गांव वालों ने जबरन उसकी शादी गांव की किसी लड़की से करा दी। ऐसे मामले में पूरा गांव एक हो जाता है और लोग अपनी आपसी कटुता को भूलकर पूरा प्रयास करते हैं कि कोई लड़की जिसकी शादी नहीं हो पा रहा है, उसका विवाह बारात में आए हुए किसी लड़के से करा दिया जाए। लड़का लाख विरोध करता है, परंतु उसकी एक नहीं चलती है और उसके साथ मारपीट भी होती है। अंत में विवाह संपन्न हो जाता है। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार यदि एक बार गलती से भी विवाह हो गया तो पूरा समाज उसको मान्यता दे देता है। फिर लड़के को उस लड़की को अपने घर ले जाना पड़ता है। माता-पिता बेशक नाराज होते हैं, परंतु पूरे समाज का दबाव रहता है। अंत में वे भी उस लड़की को अपनी बहू स्वीकार कर लेते हैं। इस प्रथा का मुख्य कारण यह है कि भारत के पूर्वी राज्यों खासकर बिहार में शादी योग्य लड़कों का घोर अभाव है।



एक अनुमान है कि साल 2020 तक चीन में चार करोड़ ऐसे लोग होंगे जिन्हें अपने देश में विवाह करने के लिए लड़कियां नहीं मिलेंगी।

शादी योग्य लड़कियों का घोर अभाव



चीन में ठीक इसके विपरीत बातें हैं। वहां शादी योग्य लड़कियों का घोर अभाव है। ‘चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज’ का अनुमान है कि 2020 तक चीन में चार करोड़ ऐसे लोग होंगे जिन्हें अपने देश में विवाह करने के लिए लड़कियां नहीं मिलेंगी। वहां लिंग अनुपात में भारी असमानता है। उसमें विसंगतियों के दुष्परिणाम अब दिखने लगे हैं। विवाह योग्य लड़कियों के अभाव में जो परिस्थितियां पैदा हुई हैं उनका भरपूर लाभ चीन के कुछ दलाल उठा रहे हैं, जिन्हें ‘मानव तस्कर’ कहते हैं। पूर्वी और दक्षिण-पूर्व एशिया में लड़के और लड़कियों का एक-दूसरे से मिलना आम बात है। ये लोग अक्सर दोस्त बनकर पब में जाते हैं। अनेक ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं जब चीन के निकटवर्ती देशों से युवतियों को नशीली दवा देकर उनका अपहरण कर चीन के सीमांत प्रदेशों में लाया गया है। जब इन लड़कियों को होश आता है तब उन्हें बताया जाता है कि वे तो अपने देश से बाहर निकल गई हैं और अब चीन में आ गई हैं। अब उनके पास एक ही रास्ता बच जाता है कि वे चीन में किसी व्यक्ति से विवाह कर अपना घर बसा लें। बहुत सी लड़कियां महीनों तक इसका विरोध करती हैं और छटपटाहट में घरों में कैद रहती हैं।

वियतनाम से लड़कियों का अपहरण

चीन के निकटवर्ती देश वियतनाम, लाओस, कंबोडिया, म्यांमार, मंगोलिया और उत्तरी कोरिया से ये मानव तस्कर इन लड़कियों को बहला-फुसला कर या नशीली दवा पीलाकर चीन के सीमांत प्रांतों में लाते हैं और उन्हें जबरन ऐसे लोगों से विवाह करने के लिए मजबूर करते हैं, जिनका विवाह चीन में नहीं हो पा रहा है। अधिकतर विवाह योग्य लड़कियों का अपहरण वियतनाम से किया जाता है। वियतनाम और चीन का संबंध वर्षो से बहुत कटु रहा है। इसलिए यदि बहला-फुसलाकर या कोई प्रलोभन देकर किसी विवाह योग्य लड़की को वियतनाम से चीन ले जाया जाता है तो उसे कहा जाता है कि यदि उसने भागने की कोशिश की तो चीन की पुलिस उसके साथ महीनों तक मारपीट करेगी और लाख कोशिश के बावजूद भी वह वियतनाम नहीं लौट पाएगी। यही नहीं वियतनाम का समाज भी दकियानूसी है। वह घर से गायब हुई लड़कियों को जल्दी स्वीकार नहीं करता है। मन मसोसकर ये अपहृत युवतियां उन चीनी लोगों से विवाह कर लेती हैं जो उनसे उम्र में बहुत बड़े होते हैं या विकलांग होते हैं।


लड़कियों के अपहरण में चीन की पुलिस का पूरा योगदान

हालांकि कुछ युवतियों ने इन मानव तस्करों के चंगुल से भागने की सफल कोशिश की है। इसके लिए ज्यादातर स्कूल और कॉलेज की लड़कियों का ही अपहरण किया जाता है। इन मानव तस्करों को हर लड़की के लिए सैकड़ों डॉलर मिलते हैं। एक समय था जब अमेरिका और वियतनाम के संबंध बहुत ही कटु थे, परंतु अब दोनों देशों ने परिस्थितियों से समझौता कर लिया है। अब वियतनाम में अमेरिकनों ने ‘पैसीफिक लिंक्स फांउडेशन’ नामक एक उदारवादी संस्था बनाई है जिसमें उन लड़कियों को, जो भगाकर चीन ले जाई गई थीं और किसी तरह लौटकर वियतनाम आई हैं, उन्हें फिर से नई जिंदगी जीने के लिए उत्साहित करते हैं। उन्हें फिर से अच्छी शिक्षा दिलाते हैं और उन दर्दनाक दिनों को मनोवैज्ञानिकों की मदद से भुलाने की कोशिश करते हैं। अन्य एशियाई देशों की तरह चीन में भी पुलिस बहुत भ्रष्ट है और इस तरह लड़कियों के अपहरण में चीन की पुलिस का भी पूरा योगदान रहता है।

चीन के समाज के लिए गंभीर समस्या

मानवाधिकार और दूसरी संस्थाओं ने कई बार चीन की सरकार से कहा है कि वह इस तरह विवाह योग्य लड़कियों का पड़ोसी देशों से अपहरण नहीं कराए, परंतु बार-बार चीन की सरकार झूठ बोल जाती है और कहती है कि उसने अपने देश में इस कारोबार को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। सच कुछ और है। पहले भी निकटवर्ती देशों में युवतियों का अपहरण होता था और उनका विवाह जबरन चीन ले जाकर करा दिया जाता था। जब से स्मार्ट फोन और इंटरनेट लोगों को उपलब्ध हुआ है तब से यह व्यवसाय बहुत तेजी से बढ़ गया है। लगता नहीं है कि निकट भविष्य में यह घृणित व्यवसाय रुक पाएगा, क्योंकि चीन में इन दिनों लड़कियों की काफी कमी हो गई है। हर माता-पिता चाहता है कि उसके जीवनकाल में ही उसके बेटे की शादी हो जाए। कुछ वर्ष पहले जब चीन में ‘एक जोड़ा, एक संतान’ का सरकारी फरमान चला था उसके बाद से वहां लड़कियों का अभाव हो गया है। चीन के समाज के लिए यह एक अत्यंत ही गंभीर समस्या है। यह कहना मुश्किल है कि निकट भविष्य में क्या चीन की सरकार इस घृणित कारोबार को रोक पाएगी?

 

 






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