बिहार के इस गाँव में पैदा होने का मतलब है कि बच्चा IITian बनेगा |

Nanhe Sipahi | Jun 15, 2017 12:06 PM


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बिहार की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों विवादों के घेरे में है | एग्जाम में चोरी , गलत तरीके से कॉपी जांचना , रिजल्ट सब कुछ विवादों में रहा | सच कहा जाये तो बिहार की शिक्षा व्यवस्था सबसे निचले स्तर की मानी जाती है लेकिन यही बात यहां के छात्रों पर लागू नही होती | अक्सर देखा गया है की बिहारी छात्रों ने विषम परिस्तिथियों में राज्य का गौरव बढ़ाया है चाहे राज्य सरकार से उन्हें उपयोगी मदद न मिली हो | सच ये है कि सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित नही है लेकिन छात्र जरूर चिंतित है | यहाँ के छात्रों में इतना दमखम है कि वो पुरे देश में अपनी शिक्षा के बदौलत आगे बढ़ रहे है | पर क्या आपको पता है कि बिहार में एक ऐसा भी गांव है जो IIT की फैक्ट्री है और इस गांव में जन्म लेने का मतलब है लड़का IIT में जाएगा | आइये आपको बताते है इस गांव के बारे में -

हम बात कर रहे है बिहार के गया जिले के मानपुर पटवाटोली की | जहा से इस साल 20 स्टूडेंट ने IIT पास कर बिहार का मान सम्मान बढ़ाया है | पटवाटोली के सनी कुमार ने ओबीसी कैटगरी में २८४वा स्थान हासिल किया है | वही सामान्य वर्ग में उनकी रैंकिंग 1862 है | सनी ने १०वी की पढाई मानपुर के ही सरकारी स्कूल से की है और 12 की पढाई गया कॉलेज से की है | माता अखोला देवी और पिता पूरन प्रसाद जो की मजदूरी करते है अपने बेटे की सफलता से फुले नही समा रहे है | उन्हें उनका सपना पूरा होता दिख रहा है |
पटवाटोली के ही केदारनाथ को भी अचे सफलता मिली है | ओबीसी में 571 और सामान्य कोटि में 3609 रैंक लाने वाले केदार के माता पिता भी मजदूरी करते है | सनी कुमार और केदारनाथ की तरह ही मानपुर पटवा टोली के 20 छात्रों ने इस बार जेईई एडवांस में सफलता पायी है और इनमें अधिकांश छात्र बुनकर के बेटे है |
सफलता की शुरुआत
पटवाटोली के जीतेन्द्र प्रसाद को सबसे पहले 1992 में IIT प्रवेश परीक्षा में प्रवेश पाने में सफलता मिली थी | इसके बाद बिहार का यह इलाका IITian पैदा करने की फैक्ट्री के रूप में मशहूर हो गया | इस साल 20 छात्रों ने सफलता पायी वही 2016 में ये संख्या 15 और 2015 में 17 छात्रों ने इस इलाके से IIT एडवांस क्रैक करने में सफलता हासिल की थी |
यहाँ के छात्र कोटा और अन्य जगहों पर जा कर तैयारी नही करते है | बल्कि स्थानीय शिक्षक और समूहों में पढाई करते है और यहाँ के छात्रों को सीनियर भी मदद करते है | यहाँ के छात्रों की सफलता का यही राज़ है | सनी ने बताया की पटवाटोली के सफल IITians जब छुट्टियों में या अन्य मौको पर घर जाते है तो तैयारी कर रहे बच्चो का मार्गदर्शन करते है | साथ ही यहाँ के लोग बताते है कि 1992 से अबतक यहाँ से करीब 300 छात्र इंजीनियरिंग की पढाई कर देश -विदेश में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे है | सचमुच मानपुर पटवा टोली IITians पैदा करने की फैक्ट्री बन गया है |


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