क्या हकीकत है धर्मनिरपेक्षता की इस देश में

Nanhe Sipahi | Jun 24, 2017 04:06 PM


News Image

हम भूखे हैं , हमारे पास शिक्षा नही है , घर नही है , शरीर पर पुरे कपडे नही है और ये तो नागपुर वाले देंगे और ही पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाने वालो को पाकिस्तान ही देगा  |समझिये उसे इस देश का मुस्लमान नहीं चाहिए | उनके पास बहुत हैं | उन्हें तो हमारी ज़मीन चाहिए | कभी पंजाब, कभी कश्मीर वक़्त आने दीजिये दिल्ली दूर नही है |


कभी सोचा है कि एक ट्रैन का सफर आपका आखिरी सफर हो सकता है वो भी सिर्फ इसलिए कि आपका खुदा मेरे खुदा से अलग है  | अभी हाल में एक खबर आयी कि कुल 4 लोगो को चाकू छुरे मार कर मौत के घाट उतार दिया गया , झगड़ा सीट को लेकर भले ही शुरू हुआ हो पर ख़तम भगवन के नाम पर हुआ  | आज हमें ये सोचना पड़ेगा कि हम किस दौर में जी रहे हैं , जहा भले ही मेरा भगवान और आपका खुदा बूत बने हो पर हम उनके नाम पर चीख रहे हैं , एक दूसरे को गालियां निकाल रहे हैं , क़तल कर रहे हैं , जैसे पूरे हिंदुस्तान का ठेका हमने ही ले रखा हो  |

हम ये सोचने के लिए मजबूर हैं कि क्यों एक कौम से हम उनके भारतीय होने का सबूत मांगते रहते हैं और वही दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी है जो हमारे ही पीठ में छुरा मारते है  | अभी हाल ही में नन्हे सिपाही ने एक ब्लॉग प्रकाशित किया था जिसमें हमने बताया था कि कैसे हिंदुस्तान कि क्रिकेट मैच में हार पर कुछ लोगो ने पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए और आतिशबाजियां की  | ये दोनों अराजकता की पराकाष्ठा है  | सच कहे तो हमने ऐसे दोनों लोग अपने मुल्क में नही चाइये  | अगर पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाने वालो को हम पाकिस्तान जाने का आदेश सुना सकते हैं तो ऐसे लोग जिन्होंने हिन्दुतवा का ठेका ले रखा है उन्हें उत्तर कोरिया चले जाना चाइये  | जो लोग पाकिस्तान जाएंगे उन्हें ये समझ में आएगा कि पाकिस्तान क्या चीज़ है और उनकी वह पर कितनी इज्जत है और जो लोग उत्तर कोरिया हनीमून मानाने जाएंगे उनको ये समझ आएगा कि उग्र राष्ट्रवाद क्या चीज़ होती है  | सोचिये अगर बाइबिल पढ़ने पर आपको मौत की सजा मिलने लगे तो उत्तर कोरिया को हम कोसते है पर क्या हम वही काम खुद नही कर रहे हैं  | सच कहे तो हमारे देश में धर्मनिरपेक्षता १०वे कक्षा में पढ़ाये जाने वाले परिभाषा से ज्यादा कुछ नही है  | हम धर्मनिरपेक्ष तो बिलकुल भी नही , हम सिर्फ नफरतो में जी रहे हैं , अपनी नसलो में वही बाँट रहे हैं , और दुःख की बात ये है कि ये दोनों ओर से हो रहा है  | 



नन्हे सिपाही ने भारत -पाकिस्तान मैच पर जो ब्लॉग प्रकशित किया उसके फेसबुक पेज पर आपने शायद नही देखा होगा कि कैसी कैसी गलियां और अपशब्द निकाले गए  | स्थिति इतनी बुरी थी कि हमें कुछ कमैंट्स डिलीट करने पड़े  | एक बन्दे ने तो यहाँ तक लिखा कि दूसरे देश के ज़िन्दाबाद के नारे मत लगाओ , मुसलमानो तुम ताकतवर बनो ताकि इन हिन्दुओ को काट कर हिंदुस्तान पर फिर से हुकूमत कि जा सके  | अब ऐसे लोगो को पाकिस्तान डिपार्ट कर देने में बुराई है क्या ?

हम किस दौर में जी रहे हैं ? सच ये है कि 1947 के घाव अब तक नही भरे या कहे तो नहीं भरने दिए गए , बाकि बची कसर बाबरी ढांचे के विध्वंश और 1993 के बम ब्लास्ट ने पूरी कर दी  | गोधरा और गुजरात ने भी घाव हरे किये | हमें पता है कि ये खाई काफी बड़ी हो चुकी है और कुछ सियासतदां उसे पाटना भी नही चाहते | ये उन सियासतदानो कि आवाज़ें है जो कभी हैदराबाद से आती है तो कभी नागपुर से  | जैसे हिंदुस्तान का ठेका इन दोने ने ही ले रखा हो  | एक बिना पूछे कह देते हैं कि भारत माता की जय नही कहेंगे , दूसरे कहते हैं कि हम बुलवा कर रहेंगे  |


हमें फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद को समझना पड़ेगा ये समझना पड़ेगा कि हिंदुस्तान आपसे और हमसे , आपके धर्म और मेरे मजहब से बहुत बड़ा है  | मैं हिन्दू और आप मुस्लमान तब है जब आपका और हमारा पेट भरा है जब आपकी जेब में इतने रुपये है कि शाम कि रोटी के बारे में आपको सोचना न पड़े  | आप हिन्दू मुस्लमान तब है जब तक की आप सुरक्षित है  | ये लाइन वहां पर ख़तम हो जाती है जब पेट में भूख हो और आँखों में पानी , ये लाइन वह ख़तम हो जाती है जब नाले के किनारे मांस का शरीर भूखा पड़ा होता है , उसे पूछिए कि क्या उसे खुदा चाहिए , उसे पूछिए उसे क्या अयोध्या के राम मंदिर बनाने से उतनी ही खुशी मिलेगी ? जितनी आपको या मुझे  | क्या उसके लिए धर्म के वही मायने है जो मेरे और आपके लिए ? आपका खुदा मेरा भगवान उस लाइन से ऊपर है  | | हम बस इस दौर में है  |




हम भूखे हैं , हमारे पास शिक्षा नही है , घर नही है , शरीर पर पुरे कपडे नही है और ये न तो नागपुर वाले देंगे और न ही पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाने वालो को पाकिस्तान ही देगा  | समझिये उसे इस देश का मुस्लमान नहीं चाहिए | उनके पास बहुत हैं | उन्हें तो हमारी ज़मीन चाहिए | कभी पंजाब, कभी कश्मीर वक़्त आने दीजिये दिल्ली दूर नही है | हिन्दू और मुस्लमान से बड़ी और कई समस्या है दूर करने को वो दूर कर लीजिये  | आपके और हमारे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं पर इसका मतलब ये नही कि देश में मतभेद हो जाये  | मोदी विरोध करिये पर मोदी विरोध के नाम पर देश का विरोध उचित नही है  | | आज मुन्नवर राणा की ये पंक्तिया बिलकुल सटीक लग रहीं हैं मुझे - 

सियासत किस हुनरमंदी से सच्चाई छुपाती है , 

जैसे सिसकियों का दर्द सहनाई छुपाती है |



News Image

क्या शिव सेना ने Self Goal किया है ?

अभी तक की जो परिस्थिति है उसमें शिव सेना ना घर की है और ना घाट की। लेकिन राजनीति में ...


News Image

एक वक्त था जब एक पाकिस्तानी जासूस के लिए हिंदुस्तानी जनता ने लगाए थे ज़िंदाबाद के नारे

पाकिस्तानी जासूस – ये कहानी है बीकानेर की, जहां के लोगों के बीच एक दिन अचानक से किसी अंजान की ...


News Image

चीन में शादी के लिए दूसरे एशियाई देशों से अपहरण कर लाई जा रही हैं लड़कियां

नई दिल्ली | आए दिन भारत के पूर्वी राज्यों खासकर बिहार से ऐसी खबरें आती हैं कि किसी शादी-विवाह में ...


News Image

विराट-अनुष्‍का की शादी थी 'नकली' अब यहां दोबारा करनी होगी, इस दस्‍तावेज से खुला राज

विराट कोहली और अनुष्‍का शर्मा की शादी को लेकर नया खुलासा हुआ है। खबरों की मानें तो दोनों को दोबारा ...


News Image

जब भगवान शिव की हुई जलती लकड़ी से पिटाई

देवों में देव महादेव की कोई जलती लकड़ी से पिटाई करे ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता लेकिन, यह बात ...


News Image

गुजरात चुनावो के बीच झूलता कश्मीर

2014 के लोकसभा चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी ने कई नारे उछाले थे, उनमें से एक नारा था — “मिनिमम ...